बदकिस्मती का साथ - रिया की कहानी

बदकिस्मती का साथ - रिया की कहानी 

कहते है कि दुख के बाद हमेशा सुख आता है और यह सही भी है किन्तु रिया की जिंदगी में अभी तक सुख ने कदम नहीं रखा। रिया ने जिंदगी में बहुत दुख  देखे है।


रिया के घर में रिया के अलावा उसके पापा मम्मी 2 भाई और 3 बहने थी । रिया की शादी लगभग 10 साल पहले हो गई थी रिश्ता उसकी मासी ने करवाया था।


मासी ने रिया की मा को जब लड़के के बारे में बताया था तब कहा था कि लड़का होटल में काम करता है और अच्छी तनख्वाह आती है इस कारण से रिया की मा ने रिया की शादी कर दी।

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शादी के 1 महीने के बाद जब रिया ने अपने पति को काम पर जाने के लिए बोला तो उसने कहा कि मैंने नोकरी छोड़ दी और दूसरा काम करूंगा ।


फिर कुछ महीने बीत जाने पर भी रिया का पति काम पर नहीं गया तो घर में झगडे शुरू हो गए और रिया का पति एक स्की मिजाज का आदमी था वो हर समय शक ही करता था।


रिया भी अब परेशान रहने लगी और अपने पति से कहा कि ऐशा ही रहेगा तो केसे घर चलेगा तो उसने अपने पति को समझाया और वो उसे अपने शहर लेकर आ गई।


उसने ये बात अपने पिताजी को बताई तो उन्होंने एक कमरा किराए पर दिलाया और उनके रहने और खाने पीने की व्यवस्था कि वहा जाने के बाद भी उसका पति जो भी काम बताते वो करने से इंकार कर देता था।

मेहनत का फल

धीरे धीरे रिया को पता चला कि उसके पति दिमागी संतुलन सही नहीं है वो बहुत परेशान रहने लगी रिया के घरवालों ने भी उसके पति को बहुत समझाया पर वो कुछ नहीं समझ रहा था।


एक पिता को अपनी बेटी का दुख सहन नहीं हो रहा था रिया की भलाई के लिए रिया के पिता ने तलाक दिलवा दिया तलाक होने के बाद रिया उदास रहने लगी ।


धीरे धीरे समय बीतने लगा और वापस पुरानी यादों को भूलकर आगे बढ़ रही थी पर रिया को पता नहीं था कि उसकी बदकिस्मती ने उसका पीछा नहीं छोड़ा है।


रिया शुरू से ही मेहनती थी वो घर का बहुत सोचती थी और अपने पिता का बोझ कम करने के लिए सिलाई का काम करती रहती थी।

परवरिश

कुछ सालो बाद अचानक रिया के पिता को दिल का दौरा पड़ जाता है और उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर जाते है पर कुछ दिन वो अस्पताल में एडमिट रहते है अपना दम तोड़ देते है ।


रिया के कंधो पर अब पूरे घर की जिम्मेदारी थी उसको घर भी चलना था और छोटे भाई बहन को भी पढ़ना था रिया दिन रात सिलाई का काम करती थी । रिया का बोझ कम करने के लिए उसकी मा भी छोटा बड़ा काम करती थी।


फिर तो कुछ सालो बाद उसका भाई भी बड़ा हो गया था और एक कंपनी में जॉब पर लग गया था। इससे रिया का बोझ बहुत कम हो गया था ।


अब तो रिया के भाई की भी तनख्वाह बहुत अच्छी हो गई थी। और रिया की भी उमर बढ़ रही थी तो रिया के घरवालों ने रिया को दूसरी शादी करने के लिए कहा फिर भी रिया ने मना कर दिया जैसे उससे अब शादी पर भरोसा ही नहीं था ।

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रिया के घरवालों ने उसको बहुत समझाया तब जाकर वो मान गई अब रिया भी समझ गई थी कि अगर मैने शादी नहीं की तो मेरे छोटी बहने जो अब बड़ी हो गई थी उनका रिश्ता भी होना मुश्किल हो जाएगा।


उसके घरवालों ने बहुत रिश्ते देखे पर रिया को एक भी पसंद नहीं आया पर पता नहीं क्यों एक रिश्ता ऐसा आया जिसके लिए रिया ने हा कर दी लड़का शादी शुदा था और उसके एक लड़का और एक बड़ी लड़की भी थी फिर भी रिया ने शादी के लिए हा कर दी शायद रिया को बच्चो से बहुत प्यार था और वो उन्हें मा का आंचल देना चाहती थी।



रिया ने शादी के लिए हा करने पर उसके घरवाले बहुत खुश थे वो भी चाहते थे कि रिया भी अपनी ज़िंदगी जिए सबसे ज्यादा खुश उसका छोटा भाई था और फिर शादी भी तय हो गई और रिया के भाई ने रिया की शादी बहुत धूमधाम से करवाई।


पर बदकिस्मती ने यहां पर भी पीछा नहीं छोड़ा ससुराल जाते ही कुछ दिनों बाद उसकी बेटी से झगडे शुरू हो गए वो रिया को मा का दर्जा नहीं देती थी और अपना हुक्म चलाती थी।

परिणाम

रिया ने ये बात अपने पति को कहा पर उसके पति ने ये कहते हुए बात टाल दी कि वो अभी छोटी है उसे थोड़ा समय दो धीरे धीरे वो समझ जाएगी। 


समय का चक्र चल रहा था पर वो दिन नहीं आया कि उसकी बेटी उसका मा का दर्जा दे उल्टा वो रिया को हर बात में रोक टोक करती थी। एक दिन रिया की बेटी स्कूल का कह कर घर से चली गई।


पर स्कूल नहीं है तो दूसरे दिन स्कूल में उसके सर ने कहा कि तुम अपने पैरेंट्स से हस्ताक्षर करवा के लाओगी तभी हम तुम्हे स्कूल में बैठने देंगे वरना नहीं तो वो घर आई आई रिया को बोली की तुम इस पर हस्ताक्षर कर दो।


रिया ने कहा कि में नहीं कर सकती और तुम्हारे पापा को पूछ कर ही हस्ताक्षर करूंगी इस बात पर घर में बहुत बड़ा झगड़ा हो गया और उसकी बेटी ने उसके पापा को बोल दिया कि या तो घर में यह रहेगी या में रहूंगी।

आनंदी

रात को रिया के पति ने रिया को समझाया और कहा कि तुम थोड़े दिन के लिए अपने मायके चली जाओ इससे तुम्हारा मन भी बहल जाएगा और दिमाग भी फ्रेश हो जाएगा।


रिया ने भी हा कर दी और दूसरे दिन वो मायके के लिए रवाना हो गई रिया इस बात से अनजान थी कि उसका पति उसके साथ धोका कर रहा था।


फोन पर रिया से बाते भी कम करता था पर रिया को ये समझ नहीं आया जब रिया ने अपने पति कि के जाने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया रिया को ये सब मज़ाक लग रहा था पर रोज़ वो यही कहता कि अब में नहीं आऊंगा और मुझे तलाक चाहिए।


रिया भी अब समझ गई थी कि उसके साथ धोका हुआ है मायके भेजना और दिमाग फ्रेस करना तो एक बहाना था उसके पति ने साफ बोल दिया कि उसे तलाक चाहिए।


कुछ दिनों तक तो रिया बहुत दुखी रही खाना भी नहीं खाती और रोती जब रिया के घरवालों को पता चला तो वो भी बहुत दुखी हुए कुछ महीने बाद रिया का तलाक हो गया और वो वापस घर पर बैठ गई शायद खुशियों ने रिया से दूरियां बना की थी और रिया वहा तक पहुंच नहीं पा रही थी।

कागज का विमान

रिया वापस उदास रहने लगी और अपनी किस्मत को कोश रही थी उसके घर वाले भी रिया की ऐसी किस्मत पर बहुत दुखी थे अब वापस रिया अपने अतीत को भुला पाई है।


अब तो रिया ने भी तय कर लिया की अब वो शादी नहीं करेगी और शायद किस्मत को यही मंज़ूर है पर उसके घरवाले उसकी शादी को लेकर बहुत चिंतित है ।


शायद रिया की किस्मत जाग जाए और उसको भी एक प्यार करने वाला पति मिल जाए ।


तो दोस्तो ये थी एक वास्तविक कहानी अगर आपको कहानी अच्छी लगी तो शेयर करे और एक कमेंट करे।


 


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