हिंदी कहानियां अजय और नेहा का प्यार


हिंदी कहानियां  अजय और नेहा का प्यार


नमस्कार दोस्तो,
लेखक - कविता
शीर्षक - अजय और नेहा का प्यार

प्रेमराज एक बहुत बड़े बिसनेस मेन थे और उनके एक दोस्त हरीश मेहता वो भी एक बड़े आदमी थे दोनों घनिष्ठ मित्र थे । इतनी अच्छी दोस्ती थी कि लोग उनकी दोस्ती की कसमें खाते थे।


प्रेमराज के एक लड़का जिसका नाम अजय था और हरीश मेहता की बेटी प्रिया थी अजय और प्रिया साथ ने है पढ़ते थे और एक दूसरे से प्यार भी करते थे।

उनके घरवालों की भी पता था और दोनों की सगाई भी धूमधाम से कर दी गई थी, सगाई में बहुत बड़े बड़े लोग आए हुए थे आते भी क्यों नहीं देश के दोनों बड़े आदमी थे।

अनोखा विवाह

एक दिन पता चला कि प्रेमराज की कंपनी में अरबों रुपए का नुक़सान हो गया इतना बड़ा नुक़सान सुनकर हरीश मेहता उनकी मदद करने के बजाए प्रिया को अजय से मिलने और उसके साथ कहीं जाने से भी मना कर दिया।

ये बात जब प्रेम राज को पता चली तो प्रेमराज हरीश मेहता के बंगले पर जा पहुंचे पर हरीश मेहता के गार्ड ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया और कहा आप अंदर नहीं जा सकते हो। तभी प्रेमराज ने चिल्ला कर कहा तुम मुझे जानते हो में कोन हू।

तभी वहा हरीश मेहता आ गए और गार्ड से कहा उन्हें अंदर आने दो, प्रेमराज अंदर गए और हरीश मेहता से कहा कि में ये क्या सुन रहा हूं कि तुमने प्रिया को मेरे बेटे से मिलने नहीं दे रहे हो।

वर्षों की तपस्या का फल

तभी हरीश मेहता ने कहा है तुमने सही कहा और जो सगाई हमने की थी वो आज ने तोड़ रहा हूं क्युकी रिश्तेदारी बराबर वालो में की जाती है। इसलिए तुम कहा और में कहा अब तो ज़मीन आसमान का फर्क है हम दोनों में। तभी प्रेमराज ने कहा तू मेरा दोस्त है और तू ये बाते कर रहा है

हरीश मेहता ने कहा कि दोस्त था अब नहीं हूं। और बस अब यहां से चले जाओ । प्रेमराज वहा से चले आते है और सारा किस्सा घरवालों को सुनाते है और अजय को भी प्रेमराज मना कर देते है प्रिया से मिलने से प्रेमराज बहुत दुखी थे।


कुछ दिन बीतने के बाद प्रेमराज के घर की माली हालत खराब होने लगी उनका बेटा अजय भी काम की तलाश में बाहर चला गया वहा उसने एक लड़की को देखा तो अजय उसके पास जा कार कंपनी का पता पूछने लगा।

अच्छे संस्कार

नेहा भी एक उनसे खानदान से थी नेहा भी अजय को देख कर मोहित हो चुकी थी वो कहते है ना कि पहली नजर का प्यार वहीं हो गया था नेहा को फिर नेहा ने ये बात उसके जीजाजी को बताई ।

नेहा के जीजाजी कड़क स्वभाव के थे उन्होंने अजय से पूछा कि तुम नेहा से प्यार करते हो तो अजय ने मना कर दिया पर फिर भी उसके जीजाजी ने अजय को मजबुर कर दिया नेहा से शादी करने के लिए ।


दोनों की शादी हो गई वो वापस नेहा की लेकर अपने घर आ गया ये सब देख कर घरवालों के होश उड़ गए। पर अब करते भी क्या कोई भी नेहा को पसंद नहीं करता था।

समाज की जिम्मेदारी

और नेहा को अजय की सगाई और प्यार के बारे में पता नहीं था खुद अजय भी नेहा से प्यार नहीं करता वो तो आज भी प्रिया से ही प्यार करता था। 

एक दिन ये बात नेहा को पता चल गई की अजय किसी लड़की से बहुत प्यार करता था और सगाई भी हो चुकी थी।  ये बात सुन कर नेहा को बहुत दुख हुआ ।

एक दिन नेहा सो रही थी और अजय घर पर आया और उसे सोता देख पता नहीं अजय को क्या हो गया खुद को काबू में नहीं रख पाया और जो एक पति पत्नी के बीच रिश्ता होता है वो रिश्ता उन दोनों के बीच हो गया।

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नेहा तो यही सोच रही थी कि एक दिन अजय भी उससे प्यार करने लग जाएगा पर ऐसा नहीं हुआ एक दिन नेहा की दीदी और जीजाजी नेहा से मिलने आए तो नेहा का उदास चेहरा देख उसकी बहन ने कारण पूछा।

तो नेहा ने इसका कारण उसके जीजाजी को बताया और कहा की दीदी आप ही पुचलो जीजाजी को फिर नेहा कमरे से बाहर आई और अपने जीजाजी से कहा अपने ऐसा क्यों किया। जब अजय मुझसे प्यार नहीं करता था तो अपने उसे शादी करने के लिए फोर्स क्यों किया।

नेहा रोए जा रही थी और उसने कह दिया कि अब मैं इस घर में नहीं रहना चाहती जब अजय भी मुझसे प्यार नहीं करता तो में यह रुक के क्या करूंगी।

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तभी वो अपनी बहन और जीजाजी के साथ चलने लगती है तभी उसकी चक्कर आ जाता है वो गिरने ही वाली होती है कि उसे अजय पकड़ लेता है और अंदर लेकर जाता है।


अजय के बड़े भाई मुकुंद एक डॉक्टर थे वो नेहा को चैक करते है और उन्हें पता चलता है कि नेहा मा बनने वाली होती है अजय ये सुन कर हड़बड़ा जाता है। थोडि देर बाद जब जब नेहा की तबीयत अच्छी होती है तो वो उसकी दीदी के साथ जाने लगती है।

सब लोग नेहा को मना करते है कि वो ना जाए पर फिर भी वो नहीं मानती अजय को भी उसके साथ बिताए पर और शादी की लम्हे याद आते है और जो अभी खुश खबरी सुनी की वो पिता बनने वाला है सब बाते उसके दिमाग में गुमने लगती है।

बेटी हो तो ऐसी

फिर नेहा और उसकी दीदी जैसे ही दरवाजे तक पहुंचते है पीछे से नेहा का हाथ अजय पकड़ लेता है और घुटनों पर बैठ कर उससे माफी मांगता है ।

नेहा भी ज्यादा देर रुक नहीं पाती और अजय को गले से लगा देती है और दोनों एक साथ रोते है आज दोनों के आंखो में खुशियों के आंसू थे आखिर अजय नेहा से प्यार करने लग गया था।

अब नेहा भी अजय के साथ वापस अंदर आ गई थी घर के सभी लोग बहुत खुश थे आज नेहा को अपने प्यार और हमसफ़र मिल गए थे।

पापा की नन्ही परी

दोस्तो अगर हम शादी कर रहे है तो किसी को धोका मत दो आप शादी भी उसी से करो जिससे आप प्यार करते हो और अगर आपका प्यार आपको ना मिले और आपकी शादी कई और भी हो जाए तो अपनी पत्नी को बहुत प्यार दी क्युकी वो किसी की बेटी है तो किसी की बहन वो सारे रिश्ते तोड़ आपके पीछे आई है तो आप उसको प्यार दे इतना तो हक उसका भी बनता है।

तो दोस्तो आपको ये कहानी कैसी लगी जरूर बताएं और हमारी कहानियों को शेयर भी करे।

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एक लड़की सांवली

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