परीक्षा तो पूरी हो गई

परीक्षा तो पूरी हो गई

आज से 10 साल पहले की बात है रेलवे की वैकेंसी निकली तो में और मेरे दोस्त नरेंद्र ने उस वैकेंसी के लिए फॉर्म भर दिया । पढ़ाई तो होती नहीं फिर भी घूमने के लिए वो फॉर्म भर दिया।

आवेदन पत्र भी आ गए हमारा परीक्षा सेंटर उदयपुर आया था। तो मैने मेरे दोस्त से बोला क्यों ना हम जोधपुर से उदयपुर चले जाए। दोस्त ये बात नोट करना क्यों की हमारे गांव से उदयपुर 220 किलोमीटर है और हम उल्टा जा रहे थे क्युकी जोधपुर 203 किलोमीटर + जोधपुर से उदयपुर लगभग 350 किलोमीटर तो दोस्त हमे तो घूमना था।

इसलिए हम दोनों शाम को 5 बजे घर से निकल गए और रेलवे स्टेशन पहुंच गए ट्रेन आने ही वाली थी और थोड़ी देर में ट्रेन आ भी गई।

हम ट्रेन में बैठ गए और गाने सुनने लगे ट्रेन अपनी रफ्तार से चल  रही थी। बीच में एक बड़ा स्टेशन आता है समदड़ी वहा ट्रेन 15 मिनिट जैसा रुकती है तो में और नरेंद्र ने खाना खा लिया। 

ट्रेन वापस रवाना हो गई हम दोनों बाते कर रहे थे बाते करते करते जोधपुर आ गया । हम ट्रेन से उतरे और पूछताछ कार्यालय में जाकर पूछा कि उदयपुर की ट्रेन कब है तो उसने बोला यहां से उदयपुर के लिए कोई ट्रेन नहीं है।

उसने बोला अगर आपको उदयपुर जाना है तो मारवाड़ स्टेशन से ट्रेन मिलेगी। या फिर आप लोग सुबह आबूरोड के लिए ट्रेन पकड़ लेना। और वहा से बहुत बसे चलती है उदयपुर के लिए।

फिर हम स्टेशन से बाहर आए और वहा बाहर ही खटिए पड़े थे । तो भाई को पूछा रात रुकने का कितना उसने 30 रुपए बोला एक का तो में और नरेंद्र दोनो उस खटिए पर सो गए।

नींद तो किसको आती यार रोड पर पूरी रात वाहनों का आवागमन रहता है फिर भी हम सोए रहे की नींद ना आएगी तो भी चलेगा पर बॉडी को रिलैक्स  फील तो होगा।

ये सोचते सोचते पता नहीं कब नींद आ गई और सुबह भी हो गई हमने मुंह धोया और अपना सामान लिया। और एक चाय कि दुकान पर चाय पीने बैठ गए फटाफट चाय पी और रेलवे स्टेशन पहुंच गए ।

हमने एक्सप्रेस का टिकट लिया अबुरोड के लिए और प्लेटफॉर्म पर चले गए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
तभी एक ट्रेन आईं तो पता चला कि यही ट्रेन है जो आबूरोड जाने वाली है।

हमारी तो हालत पतली हो गई ट्रेन को देख कर उसमें इतनी भीड़ भरी हुई थी कि अंदर जाने को भी रस्ता नहीं मिल रहा था। ट्रेन भी कम ही रुकी और रवाना हों गई।

में और मेरा दोस्त धक्के मार मार कर गेट पर। हिजगह बना ली और बैठ गए । फिर तो जितने भी स्टेशन आए गेट से हिले भी नहीं हम दोनों सुबह 11.30 बजे हम आबूरोड पहुंच गए।

स्टेशन पर उतरते ही स्टेशन से बाहर आए और बस स्टेशन की ओर चल दिए। वहा जाकर देखा तो उदयपुर के लिए बस रवाना होने ही वाली थी कि हम जाकर बैठ गए हमे जगह मिल गई ।

बस रवाना हो गई थी अपनी रफ्तार से बस चल रही थी हम दोनों भी बाहर का नज़ारा देख आनंदित हो रहे थे शाम के 4 बज गए तब हम उदयपुर पहुंचे तब तक हमारी परीक्षा तो पुरी हो गई थी।

क्युकी हमारे परीक्षा का समय 2 बजे का था तो अब हम क्या करते बस स्टेशन से बाहर निकले और सोचा चलो परीक्षा ना दे सके तो कोई बात नहीं उदयपुर तो घूम ले।

बाहर गए और रिक्शे वाले को पूछा भाई मानसरोवर झील चलना है चलोगे क्या वो भी चुटकी लेते हुए बोला चलूंगा क्यों नहीं पर किराया बहुत होगा क्युकी मानसरोवर झील तो जयपुर में है।

मेरा चेहरा भी शर्म से लाल हो गया फिर उसको बोला कि कोई आस पास अच्छी जगह हो तो बताओ उसने बोला नक्की झील है मैने कहा चलो कितना किराया होगा उसने 100 रूपये का बोला और हम बैठ गए करीबन 15 मिनिट में हम नक्की झील पहुंच गए ।

फिर हमने वहा घूमने के मज़े लिए और वापस हम बस स्टेशन पर आ गए वहा आकर पूछा तो हमारे गांव के लिए कोई बस नहीं थी। तो मेरे दोस्त ने बोला क्यों न हम सिरोही चले जाए वहा से हमको अपने गांव की बस मिल जाएगी।

मैने भी हा में सिर को हिला दिया सिरोही वाली बस में बैठ गए इतना घूमने के बाद हमारा पूरा शरीर टूट रहा था। सिरोही आते आते हमे रात की 9:30 बज गई थी ।

फिर वहा आकर पता चला कि सिरोही से हमारे गांव के लिए कोई बस नहीं है अब हम क्या करते फिर पता चला कि नरेंद्र का तो यहां ससुराल है। फिर क्या नरेंद्र ने उसके पापा को फोन लगाया और बोला कि सिरोही में है और कोई बस भी नहीं है अब घर आने के लिए तो क्या करे।

तब उसके पापा ने नरेंद्र के ससुर को फोन किया और वो लोग हमको लेने आए और हम दोनों उनके साथ घर चले गए खाना पानी किया । और में तो सो गया और सुबह मेरे दोस्त ने मुझे उठाया और मुंह हाथ धो कर चाय पी और हम वापस बस स्टेशन की ओर चल दिए।

7 बजे की हमे बस मिल है और हम दोनों उस बस में बैठ कर घर आ गए। आज भी जब हम दोनों उस एग्जाम की बात करते है तो हसी की फुहार से निकाल जाती है।

तो दोस्तो ये थी कहानी मेरी और मेरे दोस्त नरेंद्र की आपको अच्छी लगी हो तो कॉमेंट करे अगर आपके साथ भी ऐशा हुआ हो तो आपकी स्टोरी हमारे साथ शेयर करे और हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करे।

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