कोर्ट मैरिज court marriage

          कोर्ट मैरिज Court marriage 

मे सुबह ही घर से निकल चुका था। रास्ते में अंजलि के फोन आया कि तुम आ रहे हो ना मैने बोला हा में आ रहा हूं। जाता नहीं तो क्या करता अंजलि की शादी उसके घर वाले कई और तय कर रहे थे ।

रात को ही अंजलि ने मुझे बता दिया था कि घर वाले बहुत जल्दी मेरे घर फोन कर बताने वाले है की वो ये रिश्ता नहीं रखना चाहते है।

में भी क्या करता प्यार हो गया था अंजलि से निकल पड़ा घर से उसे भगा कर लाने के लिए। शनिवार का दिन था रात की ट्रेन में ट्रेन का इंतजार कर रहा था। और अंजलि से बात भी हो रही थी। वो भी बहुत चिंता में थी में उसकी चिंता कम करने के लिए मजाक मस्ती कर रहा था।

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फिर क्या कुछ समय बाद ट्रेन आ गई और में बैठ गया ट्रेन में और वापस हम बाते करने लग गए । रात के 12 बज रहे थे मैने अंजलि को सोने के लिए बोल दिया। मैने फोन रख दिया और सगाई की यादें ताज़ा होने लगी।

में अंजलि को नहीं जानता था क्युकी हमारा रिश्ता घर वालो की मर्ज़ी से हुआ था और हमारी सगाई भी बड़ी धूम धाम से हुई थी।

सगाई में ही मैने पहली बार अंगूठी पहनाते वक़्त मैने अंजलि को देखा था। उसकी आंखे झुकी हुई एक दम दुल्हन की तरह वो सज के आईं थी और आकर मेरे पास बैठी में तो बाद उसको ही देख रहा था।

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मेरे रिश्तेदार मेरी बहने और मेरी सालीया हमारे फोटो खींच रही थी मेरे तो ध्यान बस उसमे ही खोया हुआ था। रात को खाने के बाद हम दोनों बाहर घूमने गए तो बाते भी मुश्किल से शुरू हुई क्युकी हम दोनों बात करने में हिस्किसा रहे थे।

फिर भी बाते शुरू हुई तो वो बाते आज तक बन्द नहीं हुई । पता भी नहीं चला कि मुझे कब नींद आ गई जब उठा तो मेरा स्टेशन आ गया था

में स्टेशन पर ट्रेन से उतर गया और मुंह धोया। और मोबाइल निकाल अंजलि को फोन लगाया और उसे बोल दिया उसने मुझे आधे घंटे का बोल फोन रख दिया।

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में स्टेशन से बाहर आया और रिक्शा पकड़ उसकी दोस्त मीनाक्षी के वहा चला गया । मीनाक्षी के गॉगल्स की दुकान थी। में वहा पर बैठा उससे बाते करने लगा । तब तक अंजलि आ गई

फिर हम दोनों वहा से सीधा कोर्ट में चले गए वहा हमने वकील से पूछ ताश की तो उसने हमारी शादी करवाने के 5000 रुपए का बोला पर मेरे पास leave certificate 
नहीं होने के कारण उसने बाद में मना कर दिया।

तो हम लोग वहा से चले आए फिर हम दोनों आर्यसमाज में चले गए वहा पर भी वही बात हुई हम वहा से बाहर आ गए तभी हमे वहा पर अंजलि के भाई के दोस्त ने देख लिया।

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हम वहा से रिक्शे में बैठे और वापस मीनाक्षी की दुकान पर आ गए वहा बैठे और अंजलि ने बोला कि घर पर शायद पता चल गया है तभी उसके घर से फोन आ गया।

और अंजलि से पूछा तुम कहा हो तो उसने बोला में काम पर हूं इतना बोल कर उसने फोन काट दिया फिर अंजलि ने बोला कि अगर आज शादी नहीं हुई तो मुझे घर से बाहर नहीं आने देंगे।

तो हमारा रिश्ता हमेशा के लिए टूट जाएगा । में भी क्या करता वो कहते है ना कि डर के आगे जीत है। में भी उसे लेकर स्टेशन कि तरफ चल दिया और एक बस खड़ी थी उसने जा कर बैठ गए।

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पर वो रवाना होने में बहुत समय बाकी था। तो हम उस बस से उतर गए फिर वहा से हम दूसरी बस में बैठ गए वो बस थी उदयपुर की हम वहा से उदयपुर की और निकल गए और मोबाइल भी बन्द कर दिया ।

रात के 8 बजे थे हम उदयपुर पहुंच गए वहा बाहर आ कर हमने खाना खाया। और वापस बस स्टेशन की तरफ चल दिए । वहा दूसरी बस थी आबूरोड की हम आबूरोड वाली बस में बैठ कर आबूरोड पहुंच गए।

सुबह के 5 बजे थे अंधेरा था हम वहा पास में  होटल में रूम ले लिया और हम उसमे आराम किया और सुबह 9 बजे कोर्ट की तरफ चल दिए।

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वहा हमने बात की वकील से और तय हो गया कुछ फॉर्म भरे और हमारे दस्तखत किए और गवाई के लिए वकील ने ही दो गवाह तयार किए हमारी गवाई हो गई और उन्होंने हमें शाम के 5 बजे बुलाया शादी का सर्टिफिकेट लेने हम 5 बजे वो सर्टिफिकेट लेकर आ गए ।

और हमारी शादी हो चुकी थी। हम बहुत खुश थे इस तरह मैने मेरी पत्नी से शादी की और आज भी हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते है। और जब भी वो बाते याद आती है तो चेहरे पर खुसी की लहर आ जाती है।

 अब तो अंजलि के घर वाले भी खुश है क्युकी उनकी बेटी खुश है पर आज भी मेरा बड़ा साला मुझसे बात नहीं करता फिर भी में उनसे नाराज़ नहीं हूं ।

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आज हमारी शादी को 4 साल होने को है और में दो बच्चो का पिता बन चुका हूं मेरी बड़ी बेटी 2 साल की है और चोटी 6 मंथ की है । हम दोनों बहुत खुश थे क्युकी हमारे फैसला शायद सही था ।

तो दोस्तो आज ये कहानी आपको कैसी लगी जरूर बताइएगा क्युकी ये एक रियल कहानी है कॉमेंट करे शेयर करे और सब्सक्राइब करना ना भूले।






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